गुरुजी द्वारा आयोजित दिव्य कथा आयोजन

परम पूज्य श्री रवि शंकर महाराज जी (गुरु भाई) के सान्निध्य में आयोजित कथाएँ केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और समाजिक एकता का माध्यम हैं। प्रत्येक कथा के साथ विशेष पूजन एवं यात्रा का आयोजन किया जाता है, जिससे भक्तों को पूर्ण आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होता है।

गोरखपुर

दिनांक: 26 मई 2026 से 03 जून 2026

कार्यक्रम: श्री शिव महापुराण कथा एवं श्री पार्थिव पूजन

हरिद्वार

दिनांक: 08 जून 2026 से 16 जून 2026

कार्यक्रम: श्री शिव महापुराण कथा एवं श्री पार्थिव पूजन

पंचवटी आश्रम, ऋषिभूमि, बहराइच

दिनांक: 29 जुलाई 2026

कार्यक्रम: गुरु पूर्णिमा महोत्सव

ऋषिभूमि, रिसिया, बहराइच

दिनांक: 30 जुलाई 2026 से 06 अगस्त 2026

कार्यक्रम: श्री शिव महापुराण कथा एवं श्री पार्थिव पूजन

भिनगा, श्रावस्ती

दिनांक: 08 अगस्त 2026 से 15 अगस्त 2026

कार्यक्रम: श्री शिव महापुराण कथा एवं श्री पार्थिव पूजन

सितारगंज, रुद्रपुर – उत्तराखंड

दिनांक: 17 अगस्त 2026 से 19 अगस्त 2026

कार्यक्रम: श्री शिव कथा एवं श्री पार्थिव पूजन

गोंडा

दिनांक: 19 अगस्त 2026 से 27 अगस्त 2026

कार्यक्रम: श्री शिव महापुराण कथा एवं श्री पार्थिव पूजन

श्री जगन्नाथ पुरी, उड़ीसा

दिनांक: 14 नवम्बर 2026 से 21 नवम्बर 2026

कार्यक्रम: श्रीमद् भागवत कथा एवं श्री लड्डू गोपाल पूजन

शिव महापुराण कथा एवं सवा लाख पार्थिव पूजन

शिव महापुराण कथा वैराग्य, तप, साधना और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। गुरुजी द्वारा की जाने वाली शिव महापुराण कथा में भगवान शिव के दिव्य स्वरूप, लीलाओं और शिव तत्व का सरल एवं सारगर्भित विवेचन किया जाता है।

इस कथा के अंतर्गत सवा लाख पार्थिव शिवलिंग पूजन का भव्य आयोजन किया जाता है। भक्त मिट्टी से शिवलिंग निर्माण कर विधि-विधान से पूजन करते हैं। यह पार्थिव पूजन मानसिक शांति, रोग निवारण और आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम माना जाता है। सामूहिक पूजन से वातावरण पूर्णतः शिवमय हो जाता है।

श्रीमद् भागवत कथा, लड्डू गोपाल पूजन एवं यात्राएँ

श्रीमद् भागवत कथा भक्ति, ज्ञान और प्रेम का दिव्य संगम है। गुरुजी द्वारा कही जाने वाली भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर महालीलाओं तक का भावपूर्ण वर्णन किया जाता है, जिससे श्रोता भक्ति रस में सराबोर हो जाते हैं।

भागवत कथा के साथ लड्डू गोपाल पूजन का विशेष आयोजन होता है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की आराधना की जाती है। इसके साथ लड्डू गोपाल यात्रा, कलश यात्रा, निशान ध्वज यात्रा जैसे पावन आयोजन भी संपन्न होते हैं। ये यात्राएँ नगर में भक्तिभाव, उल्लास और धार्मिक चेतना का संचार करती हैं तथा समाज को धर्म से जोड़ने का कार्य करती हैं।

श्री राम कथा एवं हनुमंत पूजन

श्री राम कथा मर्यादा, त्याग, धर्म और आदर्श जीवन का अनुपम संदेश देती है। गुरुजी द्वारा आयोजित राम कथा में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को कर्तव्य, संयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

राम कथा के साथ विशेष हनुमंत पूजन का आयोजन किया जाता है। हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है। इस पूजन के माध्यम से भक्तों में साहस, आत्मविश्वास और निर्भयता का संचार होता है। सामूहिक हनुमंत पूजन वातावरण को ऊर्जा और भक्तिभाव से भर देता है।

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